TLS
ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी (TLS) एक बुनियादी रिकॉर्ड प्रोटोकॉल है, जो वेब ब्राउज़िंग या ईमेल भेजने जैसे काम करते समय इंटरनेट पर होने वाले संचार को सुरक्षित करता है।
TLS क्या है?
TLS एक सुरक्षा प्रोटोकॉल है, जो दो सिस्टम के बीच आदान-प्रदान होने वाले डेटा को एन्क्रिप्ट करता है — जैसे आपके ब्राउज़र और किसी वेबसाइट के सर्वर के बीच। यह एन्क्रिप्शन थर्ड पार्टी को भेजे जा रहे डेटा से छेड़छाड़ करने से रोककर सुरक्षित कनेक्शन बनाए रखता है। आपके ब्राउज़र के एड्रेस बार में दिखने वाला सुरक्षित “HTTPS” ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी से ही संभव होता है।
ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी कैसे काम करता है?
जब क्लाइंट (जैसे आपका ब्राउज़र) किसी सर्वर से जुड़ते हैं और “हैंडशेक” शुरू करते हैं, तो इस प्रक्रिया के दौरान सर्वर एक डिजिटल सर्टिफ़िकेट (TLS या SSL सर्टिफ़िकेट) की मदद से अपनी पहचान स्थापित करता है। भरोसा बन जाने के बाद दोनों पक्ष आपस में एन्क्रिप्शन सेशन कुंजियों का एक साझा सेट तय करते हैं।
हैंडशेक के मैसेज का आदान-प्रदान पूरा होते ही डेटा ट्रांसफ़र शुरू हो जाता है, और अब ब्राउज़र और वेब सर्वर के बीच भेजा जाने वाला सब कुछ एन्क्रिप्टेड होता है। अलग-अलग सेशन में कई कनेक्शन हो सकते हैं।
TLS और SSL: दोनों के बीच का अंतर
TLS को अक्सर SSL (सिक्योर सॉकेट्स लेयर) समझ लिया जाता है, जो इसका पुराना समकक्ष है। हालांकि SSL व्यापक रूप से अपनाया गया पहला प्रोटोकॉल था, लेकिन कई ज्ञात कमज़ोरियों की वजह से तब से इसे चरणबद्ध तरीके से हटाया जा चुका है।
TLS नया और सुरक्षित वर्शन है, जो SSL की जगह लेने के लिए आया। भले ही बहुत से लोग आदत के चलते अब भी इसे “SSL” कहते हैं, लेकिन सुरक्षित वेबसाइटें अब TLS का इस्तेमाल कर रही हैं, जिसमें प्रोटोकॉल वर्शन 1.2 या वर्शन 1.3 शामिल हैं। TLS वर्शन 1.0 ने SSL 3.0 की जगह ली और इसी के साथ TLS प्रोटोकॉल की शुरुआत हुई।
TLS क्या करता है
ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी एन्क्रिप्शन और ऑथेंटिकेशन के ज़रिए तथा डेटा इंटीग्रिटी और गोपनीयता बनाए रखकर आपके कनेक्शन को सुरक्षित करता है। अगर TLS का सपोर्ट न होता, तो आपकी ऑनलाइन गतिविधियों पर चोरी-छिपे निगरानी, फ़िशिंग और हेरफेर का ख़तरा होता।
उदाहरण
TLS का इस्तेमाल इंटरनेट पर लगभग हर जगह होता है। ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी का इस्तेमाल अलग-अलग कामों के लिए किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं।
- जब आप किसी ऐसी सुरक्षित वेबसाइट पर जाते हैं, जो HTTPS को सपोर्ट करती है
- ईमेल भेजते समय
- ऑनलाइन बैंकिंग और ई-कॉमर्स वेबसाइटें ट्रांज़ैक्शन को सुरक्षित करने के लिए TLS का इस्तेमाल करती हैं
- और अन्य
